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सिद्धो-कान्हो कृषि एवं वनोपज जिला सहकारी संघ लि॰, कोडरमा

कृषि एवं लघु वनोपज के संग्रहण एवं विपणन के उद्देश्य से राज्य में सिद्धो-कान्हो कृषि एवं वनोपज राज्य सहकारी संघ लि॰ का गठन वर्ष 2021 में किया गया। इसी तर्ज पर 2021 में कोडरमा जिला में सिद्धो-कान्हो कृषि एवं वनोपज जिला सहकारी संघ लि॰, कोडरमा का गठन किया गया । वर्तमान में जिले के सभी 111 MCPS (पैक्स) इससे सम्बद्ध है।
सिद्धो-कान्हो कृषि एवं वनोपज जिला सहकारी संघ लि॰ (सिद्धकोफेड) एक राज्य स्तरीय शीर्ष सहकारी संस्थान है, जो कृषि पशुपालन एवं सहकारिता विभाग (सहकारिता प्रभाग) झारखण्ड सरकार से निबंधित है। संघ की उपविधि की धारा 20 के तहत निदेशक पर्षद में अध्यक्ष सहित कुल 21 निदेशक प्रावधानित है। राज्य के माननीय मुख्यमंत्री अध्यक्ष एवं माननीय मंत्री कृषि पशुपालन एवं सहकारिता विभाग, झारखण्ड सरकार संघ के उपाध्यक्ष होते है। पदेन निदेशक के रूप में अपर मुख्य सचिव/प्रधान सचिव/सचिव, निर्वाचित निदेशक, मनोनित निदेशक एवं विशेष आमंत्रित सदस्यों को लेकर राज्य निदेशक पर्षद का गठन किया गया है। संघ में मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी एवं सचिव का पद भी होता है।
इसी तर्ज पर जिला सहकारी संघ का गठन किया गया है जिसमें निर्वाचित निदेशकों की कुल संख्या 10 है, जिसमें 50% महिला निदेशकों के लिए आरक्षित है। पदेन निदेशक मंडल में जिला के उपायुक्त अध्यक्ष, वन प्रमण्डल पदाधिकारी प्रबंध निदेशक एवं जिला के जिला सहकारिता पदाधिकारी निदेशक सह सचिव होते है। जिला कृषि पदाधिकारी, जिला कल्याण पदाधिकारी, जिला आपूर्ति पदाधिकारी, जिला पंचायती राज पदाधिकारी एवं महा प्रबंधक, जिला उद्योग केन्द्र संघ के पदेन निदेशक हैं। निदेशक पर्षद द्वारा 03 निदेशक नामित किये गये है जो सहकारिता एवं सहकारी संस्थाओं के व्यवसाय संबंध में निपुणता रखते हों।

सिद्धकोफेड का मूल उद्येश्य:-
  1. कृषि एवं वनोपज की खरीद, भंडारण, प्रसंस्करण और विपणन।
  2. बीज, उर्वरक, कीटनाशक आदि इनपुट व्यवसाय।
  3. कृषि अवसंरचना हेतु वेयर हाउस/गोदाम/कोल्ड स्टोरेज, प्रसंस्करण ईकाइयाँ इत्यादि।
  4. शीर्ष संगठनों एवं निजी कंपनियों के साथ विपणन हेतु संस्थागत सहयोग।
  5. सहकारी योजनाओं से संस्थागत अनुदान एवं अवसंरचना हेतु अभिसरण।
  6. शहद, मशरूम आदि का उत्पादन वृद्धि।
राज्य के किसान MCPS की सदस्यता प्राप्त कर सिद्धकोफेड द्वारा संचालित योजनाओं से लाभान्वित हो रहे हैं।कोडरमा जिलान्तर्गत प्रत्येक प्रखण्ड में कृषि एवं वनोपज उत्पादों के व्यवसाय हेतु 06 MCPS को थ्च्व् के रूप में चिन्हित किया गया है जो इस प्रकार है:-
   1.कोडरमा प्रखण्ड-लरियाडीह
   2. जयनगर प्रखण्ड-डण्डाडीह
   3. डोमचाँच प्रखण्ड-ढाब
   4. चन्दवारा प्रखण्ड-चन्दवारा
   5. सतगॉवा प्रखण्ड-जोगीडीह
   6. मरकच्चो प्रखण्ड-जामू

 

सिद्धकोफेड अन्तर्गत विभिन्न गतिविधियाँ

  • बकरी पालन
  • बत्तख पालन
  • डेयरी पालन
  • सूअर पालन
  • कुक्कुट पालन
  • मधुमक्खी पालन
  • जैविक खेती
  • मशरूम उत्पादन

इसके अतिरिक्त, जिला संघ द्वारा दोना-पत्तल (पत्ती आधारित प्लेट) प्रसंस्करण इकाई की स्थापना हेतु विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (Detailed Project Report – DPR) तैयार किया गया है। इसकी स्थापना के लिए आवश्यक अनुवर्ती कार्रवाई की जा रही है। प्रस्तावित इकाई से ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा मिलने, स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं आजीविका के अवसर सृजित होने, वनोपज के मूल्य संवर्धन को प्रोत्साहन मिलने तथा कोडरमा जिले के वन आधारित अर्थतंत्र को सुदृढ़ बनाने की अपेक्षा है।

सिद्धकोफेड की निदेशक पर्षद बैठक एवं कार्यशाला

योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा तथा जन-जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नियमित रूप से बैठकें एवं कार्यशाला