माइंस एवम मिनरल्स

कोडरमा खनिज पदार्थो से समृद्ध जिला है|कोडरमा जिला झारखण्ड,बिहार और भारत के द ग्रेट माइका बेल्ट के दक्षिणी भाग को कवर करता है |पूर्व में द ग्रेट माइका बेल्ट को बिहार माइका बेल्ट के नाम से जाना जाता था जो 160 किमी  के क्षेत्र जिसका औसतन चौराई 25 किमी  में फैला हुआ था| यह माइका बेल्ट बिहार के गया जिले में गुरपा स्थान से पश्चिम में नवादा तक ,झारखण्ड में कोडरमा,हजारीबाग,गिरिडीह तक और साथ ही पुरव में बिहार के भागलपुर जिले तक फैला हुआ है |इसकी अधिकतम चौराई 40 किमी  जो कोडरमा-हजारीबाग-नवादा तक फैला है|पूरे बेल्ट में लगभग 4,000 वर्ग किमी जो की छोटानागपुर पठार के उत्तरी हिस्से में शामिल है जो की उत्तर पूर्व से दक्षिण पश्चिम तक जाता है|किसी समय में कोडरमा विश्वस्तर पर माइका उत्पादन के लिए प्रसिद्ध था और उसे अबरख नगरी भी कहा जाता था लेकिन धीरे धीरे यहाँ की माइका उद्योग अपने निम्न दर्जे के माइका खनन और उत्पादन की उच्च लागत के कारन बंद हो गये

खनिज ऐव खनन उद्यमियों के विवरण
क्रम स० Mineral उद्यमियों के विवरण
1 माइका कुल 8 (आठ) माइका उद्योगों में से 6 बंद हैं और केवल 2 (दो) कार्यरत है
1. एम/एस दारुका एंड कंपनी
2. एम/एस विनोद बजाज( माइका प्लेट्स एंड पाउडर का भी निर्यात करता है
2 क्वार्टज़ माइका के साथ पाया जाता है| इसका उपयोग कंप्यूटर चिप्स , विधुत के उपकरणों,उच्च क्षमता वाले दर्पण इत्यादि में किया जाता है | केवल एम/एस सहना मिनिरल्स क्वार्टज़ से पाउडर बनाने का कार्य करती है .
3 फेल्सपार केवल एम/एस सहना मिनिरल्स ही इस खनिज से पाउडर बनाने का कार्य करती है |
4 टूमलाइन यह केवल सहयोग बनाने के काम में आता है |
5 मूंस्तोनेस यह समय के पहले चरण में पाया जाता था |
  1. सर्वेक्षण रिपोर्ट कोडरमा जिला(पीडीएफ   92 KB )
  2. जिला सर्वेक्षण रिपोर्ट(पीडीएफ  4.0 MB)
  3. छोटे पत्थर खनन पट्टा की प्रगति रिपोर्ट(पीडीएफ  4.2 MB)